नवरात्र: नई दृष्टि के साथ – १
नवरात्रि में प्राकृतिक और सरल प्रथाओं के माध्यम से अपने वास्तविक स्वरूप से जुड़ें। शरीर और आत्मा के पवित्रीकरण की यात्रा आरंभ करें।

नवरात्रि में प्राकृतिक और सरल प्रथाओं के माध्यम से अपने वास्तविक स्वरूप से जुड़ें। शरीर और आत्मा के पवित्रीकरण की यात्रा आरंभ करें।

अपनी तीव्र इंद्रियों को षष्ठ इंद्रिय से संरेखित करें। सहज ज्ञान और अतीन्द्रिय ज्ञान को जागृत करने का मार्ग खोजें।

आहत नाद – उपकरणों से निकलने वाली ध्वनि पर ध्यान के माध्यम से अन्तर्मुखी ध्यान की गहराई तक पहुँचें। संगीत से परे सूक्ष्म कंपन को महसूस करें।

प्राणव – ब्रह्मांडीय ध्वनि का जाप और उसके बाद आने वाले मौन में विलीन होना। ॐ की कंपन शक्ति से आध्यात्मिक संरेखण अनुभव करें।

अनाहद नाद – प्रहारित ध्वनि के सार में डूबकर आंतरिक शांति खोजें। शब्दों के जाल से मुक्त होकर ब्रह्मांड की सदा-अनुनाद करने वाली ध्वनि सुनें।

मन विचारों और संस्कारों का संग्रह है। इसे नियंत्रित नहीं, केवल निर्देशित किया जा सकता है।
Due to some technical glitch, bookings are not working right now. Please check back soon — we appreciate your patience 🙏