ध्यान और जागरूकता — हिंदी लेख

ध्यानावस्था और विधि भाग-2
ध्यान एक अवस्था है, क्रिया नहीं। यह पहली और सबसे महत्वपूर्ण समझ है। आप ध्यान नहीं कर सकते। ध्यान आपके साथ हो सकता है। ये दो बिल्कुल अलग बातें हैं। जैसे आप नींद नहीं ला सकते, आप बस परिस्थितियाँ बना…

क्या ध्यानावस्था विधि द्वारा प्राप्त की जा सकती है? भाग-1
ध्यानावस्था —सचमुच त्राटक, एकाग्रता, तनाव प्रबंधन, लयबद्ध श्वास या किसी अन्य विधि के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है? राहुल की उम्र लगभग चालीस साल है | वह एक प्राइवेट बैंक में मैनेजर की पोस्ट पर पिछले कुछ साल…

आध्यात्म क्या है — धर्म से कैसे अलग है ?
धर्म वह मानचित्र है जो मिला। आध्यात्म वह यात्रा है जो खुद करनी पड़ती है। एक बात सीधे रूप में ये है कि मंदिर जाना, व्रत रखना, भजन गाना, तीर्थ करना आध्यात्म नहीं है। यह सुनकर अजीब लगा? शायद बुरा भी…

मन क्या है, वह फर्क जो विज्ञान अभी तक पूरी तरह नहीं समझ पाया
क्या आप अपना मन हैं या आप वह हैं जो मन को देख सकता है | आप AI की तरह तो नहीं हो गये हैं ? पिछले सौ सालों में विज्ञान ने मस्तिष्क के बारे में जितना जाना है, वह…

Zen ध्यान क्या है?
Zen — बस बैठना काफी है? वह सवाल जिसका जवाब बैठकर ही मिलता है भूमिका दुनिया में शायद ही कोई ऐसी आध्यात्मिक परंपरा हो जो इतने कम शब्दों में इतनी गहरी बात कह दे — जितनी Zen कहती है। Zen…

ध्यान यदि तकनीक नहीं है तो फिर ध्यान क्या है?
यदि ध्यान कोई तकनीक नहीं है तो फिर ध्यान क्या है? यह प्रशन जहन में उठना स्वाभाविक है | अधिकतर लोग ध्यान को कुछ करने की क्रिया की तरह समझते हैं जैसे किसी वस्तु पर ध्यान लगाना, मन को नियंत्रित…

ध्यान कोई तकनीक नहीं है
आज ध्यान भी धीरे-धीरे एक तकनीक, एक विधि और एक बाज़ारू वस्तु बनता जा रहा है। हर जगह अलग-अलग अभ्यास, निर्देशित प्रक्रियाएँ, श्वास-विधियाँ, शरीर-विधियाँ, कल्पना-आधारित अभ्यास और एकाग्रता के तरीके सिखाए जा रहे हैं। और बहुत लोग इन्हीं को “ध्यान”…

भार-रहित ध्यान – २
सीधी रीढ़ को बनाए रखकर गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव को घटाया जा सकता है। निर्भारता की अनुभूति प्राप्त होने पर विचार विलीन हो जाते हैं। आत्मा के साथ संरेखित होकर भौतिक क्षेत्र को अतिक्रम करें और नित्य के साथ एकीभूत हों।

ध्यान सीखें – भाग ४
श्वास जीवन का आधार है। वर्तमान पल में रहने से मन शांत हो जाता है और विचार विलीन होते हैं। त्राटक और श्वास तकनीकें ध्यान को गहरा करने में सहायता करती हैं।

ध्यान सीखें – भाग ३
ध्यान में शरीर और मन दोनों प्रतिरोध करते हैं। अवचेतन मन में दबी हुई स्मृतियाँ और भावनाएँ होती हैं। इन्हें समझने के बिना सीधा ध्यान करना कठिन होता है।

ध्यान सीखें – भाग २
ध्यान केवल तब शुरू करें जब आप मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार हों। मन एक संग्रहण केंद्र है जो अनुभवों और स्मृतियों से भरा होता है। यह समझना ध्यान की सफलता के लिए महत्त्वपूर्ण है।

ध्यान सीखें – भाग १
ध्यान न तो बचने का मार्ग है और न ही मन को शांत करने का साधन। वह वर्तमान क्षण में पूरी तरह जीने के लिए स्वयं को प्रशिक्षित करने की गहन साधना है, जहाँ शरीर, मन और प्राण एक सूत्र…
