ॐ – एक अक्षर जो बोला नहीं, सुना जाता है
यह किसी धर्म का चिह्न नहीं है। यह सृष्टि की वह आवाज़ है जो तब भी थी जब कोई सुनने वाला नहीं था। संसार के लगभग हर कोने में — चाहे वह किसी भी संस्कृति का हो, किसी भी परंपरा का — एक विचित्र समानता मिलती है। ईसाई परंपरा में “Amen” है। यहूदी परंपरा में…






