तंत्र, अध्यात्म और मनोविज्ञान – ३
तंत्र धर्म-निरपेक्ष है और आत्म-खोज का एक संपूर्ण विज्ञान। यह आपको वैसे ही स्वीकार करता है।

तंत्र धर्म-निरपेक्ष है और आत्म-खोज का एक संपूर्ण विज्ञान। यह आपको वैसे ही स्वीकार करता है।

आज्ञा चक्र पर निरंतर ध्यान से तीसरी आंख जागृत होती है और आंतरिक दृष्टि का उदय होता है।

तृतीय नेत्र साधना से पूर्व आवश्यक बोध और सावधानियाँ। सकारात्मक मनोवृत्ति, त्राटक अभ्यास, और सही वातावरण की स्थापना करें।

विज्ञान भैरव तन्त्र सूत्र ३१। आज्ञा चक्र, पीनियल ग्रन्थि और तृतीय नेत्र की जागरूकता के रहस्य जानें।

तन्त्र, योग और ध्यान की साधनाओं में सफलता के लिए आवश्यक स्पष्टता, प्राकृतिकता और लचीलापन।

विज्ञान भैरव तन्त्र सूत्र २६। नाभि-केन्द्र पर श्वास का ध्यान, जीवन का अक्ष, और ध्यान-समाधि की प्राप्ति।
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