ध्यान-यात्रा 1/7

🌿 इस सत्र में आप जानेंगे: ✅ ध्यान वास्तव में क्या है (और क्या नहीं है) ✅ साक्षी भाव क्या है — सरल भाषा में ✅ ध्यान शुरू करने से पहले की तैयारी - पाँच क्रिया ✅ रोज़ अभ्यास का सबसे आसान तरीका

ध्यान-यात्रा (2/7)

ध्यान में आगे बढ़ने और साक्षी भाव जगाने के लिए पाँच क्रिया करें |

ध्यान-यात्रा (3/7)

पिछले दो sessions में मन को तैयार किया। आज — शरीर, साँस और पहली बार — असली ध्यान - तीन मिनट। आज आप पहली बार सच में ध्यान करेंगे।

ध्यान-यात्रा (4/7)

ध्यान में बैठते हो। विचार आते हैं। तुम लड़ते हो। हार जाते हो। आज से यह बंद होगा। क्योंकि आज जानेंगे — ध्यान का असली लक्ष्य क्या है।

ध्यान-यात्रा (5/7)

ध्यान में एक अनुभव होता है जिसे कोई नहीं बताता। शरीर और मन दोनों मिलकर ध्यान को रोकते हैं। और वह भी जानबूझकर। आज इसे समझेंगे और इससे बाहर निकलना भी सीखेंगे।

ध्यान-यात्रा (6/7)

मन एक हिमखंड है। जो दिखता है, केवल दस प्रतिशत जबकि जो नहीं दिखता वही असली है। आज उसी अदृश्य हिस्से में उतरेंगे और दो नई विधियाँ जानेंगे जो मन को मौन करती हैं।

ध्यान-यात्रा (7/7)

प्राणिक ध्यान से शरीर का उपचार | ध्यान यात्रा का समापन |

Introduction to Course

112 meditation methods but do you really need to practise all 112? Vigyan or Vijnana Bhairava Tantra or विज्ञान भैरव तंत्र offers a very different understanding: the method is not meditation itself. A method is a doorway and even one doorway, if it truly suits your nature, may be enough to begin the inner journey. This is the foundation of this 31-episode practical Vijnana Bhairava Tantra course.

Vigyan Bhairav Tantra Course | Episode 1/31 | Sutra 1-6 | भैरव कौन है ?

Vigyan Bhairav Tantra does not begin with a meditation technique. It begins with a question.And that question comes from Devi herself:What is the true nature of Bhairava?In this first session of this course, we explore the opening dialogue between Devi and Bhairava and examine the six profound questions presented in Sutras 1–6.

Vigyan Bhairav Tantra Course | Sutra 7-23 | Preview of Ep. 2 | They Are Maya? | Bhairava’s Answer |

Are Nada, Bindu, Kundalini, Yantra, Mantra and Chakras themselves Bhairava?In Episode 2 of the Navaarmbha Vigyan Bhairav Tantra Course, Bhairava gives an answer that may initially sound startling:They are Maya.But this does not mean that these practices, symbols or paths are false.

छोड़े जाने का डर क्या है? मनोविज्ञान, तंत्र और विज्ञान भैरव के दृष्टिकोण से | Relationship Psychology

इस वीडियो में हम इस डर के भीतर उतरेंगे और वह एक नजरिये या दृष्टिकोण से नहीं बल्कि चार दृष्टिकोण से: ▪ आधुनिक मनोविज्ञान — चिंताग्रस्त लगाव और आत्म-मूल्य का संकट ▪ तंत्र — डर एक ऊर्जा, और साथी एक दर्पण ▪ बुद्ध और तिब्बती परंपरा — पकड़, अनित्यता और खुली हथेली का प्रेम ▪ विज्ञान भैरव तंत्र — भय के क्षण के लिए तीन व्यावहारिक द्वारअंत में एक छोटा-सा अभ्यास, जो आप आज से शुरू कर सकते हैं।यह वीडियो डर बेचने के लिए नहीं — डर समझने और समझाने के लिए है।

Do this Kriya to prevent distractions during meditation | मैडिटेशन से पहले यह क्रिया जरूर करें |

शुरुआत में आप मैडिटेशन करने के लिए किसी भी दिशा, समय, आसन और मुद्रा में कर सकते हैं | मुद्रा यानि पद्मासन, सिद्धासन या सुखासन या वज्रासन में या कुर्सी पर बैठ कर या शवासन में भी कर सकते है जैसे आपको सुविधाजनक लगे |मैडिटेशन शुरू करने से पहले बीस बार धीमी गति से और लम्बी साँस दाई नाक से लें और बाई नाक से छोड़ें | हर बार दाई से साँस ले कर तीन या चार सेकंड रुकें और फिर साँस बाई से छोड़ें | साँस छोड़ने के बाद भी तीन से चार सेकंड का अंतराल अवश्य दें |

Biggest obstacle in the path of meditation | आइये जानें कि ध्यानावस्था में सबसे बड़ी रुकावट क्या हैं

मैडिटेशन के बारे में वह बात जो पहले न सुनी होगी और न किसी ने बताई होगी | मैडिटेशन करने का मतलब है कि आप वर्तमान में ही रहते हैं लेकिन आप ऐसा, शुरूआती दौर में नहीं कर पाते हैं | किसी के लिए यह शुरूआती दौर कुछ सप्ताह का होता है तो कुछ के लिए यह कुछ महीने का और कुछ इससे निकल ही नहीं पाते हैं | आप जब मैडिटेशन करने बैठते हैं तब सबसे पहले आपको, आपका शरीर परेशान करता है | क्योंकि आपके शरीर को बिना सोच के बैठने या लेटने की आदत ही नहीं है |