तृतीय नेत्र को जागृत करें – २
तृतीय नेत्र साधना से पूर्व आवश्यक बोध और सावधानियाँ। सकारात्मक मनोवृत्ति, त्राटक अभ्यास, और सही वातावरण की स्थापना करें।

तृतीय नेत्र साधना से पूर्व आवश्यक बोध और सावधानियाँ। सकारात्मक मनोवृत्ति, त्राटक अभ्यास, और सही वातावरण की स्थापना करें।

विज्ञान भैरव तन्त्र सूत्र ३१। आज्ञा चक्र, पीनियल ग्रन्थि और तृतीय नेत्र की जागरूकता के रहस्य जानें।

तन्त्र, योग और ध्यान की साधनाओं में सफलता के लिए आवश्यक स्पष्टता, प्राकृतिकता और लचीलापन।

विज्ञान भैरव तन्त्र सूत्र २६। नाभि-केन्द्र पर श्वास का ध्यान, जीवन का अक्ष, और ध्यान-समाधि की प्राप्ति।

विज्ञान भैरव तन्त्र सूत्र २५। श्वास के परिवर्तन-बिन्दुओं पर ध्यान, रिक्तता का अनुभव, और आत्म-विलयन।

विज्ञान भैरव तन्त्र सूत्र २४। श्वास की मौलिक शक्ति, वर्तमान में निवास, और सोहम् मन्त्र का स्वयं-जन्म।