प्रेम कब प्रेम न होकर पिंजरा बन जाता है??
प्रेम में जब असुरक्षा का अनुभव होने लगता है तब प्रेम एक पिंजरा बन कर रह जाता है | आइये इसे विज्ञान भैरव तंत्र, बौद्ध करुणा, तिब्बती साधना और आधुनिक मनोविज्ञान के दृष्टिकोण से समझते हैं कि ऐसा कब और क्यों होता है | रात के ग्यारह बजे हैं। आपका साथी सो चुका है, लेकिन आपकी…






