दैनिक जीवन में ध्यान
श्वास के विराम पर ध्यान केंद्रित करके दैनिक कार्यों में सचेतता और शांति विकसित करो।

श्वास के विराम पर ध्यान केंद्रित करके दैनिक कार्यों में सचेतता और शांति विकसित करो।

सचेत रूप से स्वप्नों पर नियंत्रण प्राप्त करके अवचेतन मन की शक्तियों को जागृत करो।

गहरी श्वास और मानसिक शांति से अवचेतन जगत में प्रवेश करो और स्वप्नों पर सचेत नियंत्रण पाओ।

मन को साक्षी बनाकर तीसरी आंख पर ध्यान केंद्रित करो और स्वप्न जगत की रहस्यमय यात्रा शुरू करो।

तंत्र धर्म-निरपेक्ष है और आत्म-खोज का एक संपूर्ण विज्ञान। यह आपको वैसे ही स्वीकार करता है।

आज्ञा चक्र पर निरंतर ध्यान से तीसरी आंख जागृत होती है और आंतरिक दृष्टि का उदय होता है।