नाद ध्यान – ३
आहत नाद – उपकरणों से निकलने वाली ध्वनि पर ध्यान के माध्यम से अन्तर्मुखी ध्यान की गहराई तक पहुँचें। संगीत से परे सूक्ष्म कंपन को महसूस करें।

आहत नाद – उपकरणों से निकलने वाली ध्वनि पर ध्यान के माध्यम से अन्तर्मुखी ध्यान की गहराई तक पहुँचें। संगीत से परे सूक्ष्म कंपन को महसूस करें।

अनाहद नाद – प्रहारित ध्वनि के सार में डूबकर आंतरिक शांति खोजें। शब्दों के जाल से मुक्त होकर ब्रह्मांड की सदा-अनुनाद करने वाली ध्वनि सुनें।

इंद्रियों को अंतर्मुखी करके आंतरिक आनंद और परमानंद की अनुभूति को जागृत करो।

श्वास की लय और गहराई जीवन की लंबाई निर्धारित करती है। कुम्भक साधना से कुंडलिनी जागरण होता है।

प्रियजन या दिव्य की प्रिय स्मृतियों में श्वास को अंतर्मुखी करके गहन भक्ति और ध्यान का अनुभव करो।

तंत्र धर्म-निरपेक्ष है और आत्म-खोज का एक संपूर्ण विज्ञान। यह आपको वैसे ही स्वीकार करता है।