meditation

  • प्राण और उपचार

    प्राण न केवल श्वास है, न ऑक्सीजन — यह वह सूक्ष्म शक्ति है जो जीवन को धारण करती है। प्राणिक हीलिंग में जानें कि कैसे प्राणायाम, भ्रामरी और ध्यान के माध्यम से प्राण को जागृत कर स्वयं को और दूसरों को स्वाभाविक रूप से उपचारित किया जा सकता है।

  • प्राण ध्यान

    प्राण वह जीवन-ऊर्जा है जो संपूर्ण ब्रह्माण्ड को व्याप्त करती है। जब ध्यान गहरी एकाग्रता में पहुँचता है, तो प्राणिक संतुलन पर इसका प्रभाव अत्यंत गहरा होता है। प्राण को समझना विश्वास का विषय नहीं, बल्कि आंतरिक प्रक्रियाओं की प्रत्यक्ष प्रतीति है।

  • भार-रहित ध्यान – १

    जब तक आप शरीर के प्रति आसक्त रहते हैं, यह गहरे ध्यान के लिए बाधा बन जाता है। आत्मा दिव्य का एक अंश है, सर्वशक्तिमान और सीमाहीन। इस सूत्र के माध्यम से शरीर और मन की सीमाओं को अतिक्रम करते हुए निर्भार अवस्था का अनुभव करें।

  • भार-रहित ध्यान – २

    सीधी रीढ़ को बनाए रखकर गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव को घटाया जा सकता है। निर्भारता की अनुभूति प्राप्त होने पर विचार विलीन हो जाते हैं। आत्मा के साथ संरेखित होकर भौतिक क्षेत्र को अतिक्रम करें और नित्य के साथ एकीभूत हों।

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    Vigyan Bhairav Tantra 112 Methods

    Vigyan Bhairav Tantra: The Path from the Self to the Divine Today, almost everyone is struggling with some form of difficulty or challenge and searching for a single solution: meditation. The growing popularity of meditation arises from the promise that it can free us from unnecessary stress, anxiety, and inner restlessness. Although many people attempt…

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    विज्ञान भैरव तंत्र क्या है?

    विज्ञान भैरव तंत्र विश्व का एक महत्त्वपूर्ण आध्यात्मिक ग्रंथ है जो दिव्य की प्राप्ति के लिए १२ सरल विधियाँ प्रदान करता है। तंत्र आपको बिल्कुल वैसे ही स्वीकार करता है जैसे आप हैं। कश्मीरी शैववाद में निहित, यह अद्वैत दर्शन का प्रतिनिधित्व करता है।