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  • काश्मीर शैवदर्शन
    वह दर्शन जो कहता है “सब शिव है” जब यह सच में समझ में आता है — तब हर पल पूजा बन जाता है। तुम पहले से मुक्त हो। यह सुनकर विश्वास नहीं हुआ? स्वाभाविक है क्योंकि हम जीवन भर यही सोचते रहे हैं कि मुक्ति पानी है, मोक्ष कमाना है, भगवान तक पहुँचना है।…
  • ॐ – एक अक्षर जो बोला नहीं, सुना जाता है
    यह किसी धर्म का चिह्न नहीं है। यह सृष्टि की वह आवाज़ है जो तब भी थी जब कोई सुनने वाला नहीं था। संसार के लगभग हर कोने में — चाहे वह किसी भी संस्कृति का हो, किसी भी परंपरा का — एक विचित्र समानता मिलती है। ईसाई परंपरा में “Amen” है। यहूदी परंपरा में…
  • आध्यात्म क्या है — धर्म से कैसे अलग है ?
    धर्म वह मानचित्र है जो मिला। आध्यात्म वह यात्रा है जो खुद करनी पड़ती है। एक बात सीधे रूप में ये है कि मंदिर जाना, व्रत रखना, भजन गाना, तीर्थ करना आध्यात्म नहीं है। यह सुनकर अजीब लगा? शायद बुरा भी लगा? तो यह लेख आपके लिए है। यह लेख इसलिए नहीं लिखा कि धर्म को…
  • मन क्या है, वह फर्क जो विज्ञान अभी तक पूरी तरह नहीं समझ पाया
    क्या आप अपना मन हैं या आप वह हैं जो मन को देख सकता है | आप AI की तरह तो नहीं हो गये हैं ? पिछले सौ सालों में विज्ञान ने मस्तिष्क के बारे में जितना जाना है, वह अभूतपूर्व है। हम जानते हैं कि मस्तिष्क में लगभग छियासी अरब तंत्रिका कोशिकाएँ हैं। हम…
  • Zen ध्यान क्या है?
    Zen — बस बैठना काफी है? वह सवाल जिसका जवाब बैठकर ही मिलता है भूमिका दुनिया में शायद ही कोई ऐसी आध्यात्मिक परंपरा हो जो इतने कम शब्दों में इतनी गहरी बात कह दे — जितनी Zen कहती है। Zen के एक गुरु से किसी ने पूछा, “ध्यान क्या है”? गुरु ने कहा, “जब भूख…

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