तृतीय नेत्र को जागृत करें – ३
आज्ञा चक्र पर निरंतर ध्यान से तीसरी आंख जागृत होती है और आंतरिक दृष्टि का उदय होता है।

आज्ञा चक्र पर निरंतर ध्यान से तीसरी आंख जागृत होती है और आंतरिक दृष्टि का उदय होता है।

तृतीय नेत्र साधना से पूर्व आवश्यक बोध और सावधानियाँ। सकारात्मक मनोवृत्ति, त्राटक अभ्यास, और सही वातावरण की स्थापना करें।

विज्ञान भैरव तन्त्र सूत्र ३१। आज्ञा चक्र, पीनियल ग्रन्थि और तृतीय नेत्र की जागरूकता के रहस्य जानें।
Due to some technical glitch, bookings are not working right now. Please check back soon — we appreciate your patience 🙏