spiritual awareness

  • प्राण और उपचार

    प्राण न केवल श्वास है, न ऑक्सीजन — यह वह सूक्ष्म शक्ति है जो जीवन को धारण करती है। प्राणिक हीलिंग में जानें कि कैसे प्राणायाम, भ्रामरी और ध्यान के माध्यम से प्राण को जागृत कर स्वयं को और दूसरों को स्वाभाविक रूप से उपचारित किया जा सकता है।

  • प्राण ध्यान

    प्राण वह जीवन-ऊर्जा है जो संपूर्ण ब्रह्माण्ड को व्याप्त करती है। जब ध्यान गहरी एकाग्रता में पहुँचता है, तो प्राणिक संतुलन पर इसका प्रभाव अत्यंत गहरा होता है। प्राण को समझना विश्वास का विषय नहीं, बल्कि आंतरिक प्रक्रियाओं की प्रत्यक्ष प्रतीति है।