प्रेम, क्रोध और सम्बन्ध
क्रोध किसी भी समस्या का समाधान नहीं कर सकता। न ही इसे दबाया जा सकता है, क्योंकि दमन इसकी तीव्रता को और बढ़ा देता है, जिससे यह और अधिक विनाशकारी बन जाता है। केवल संयम, चिंतन और मनन के अभ्यास से ही क्रोध को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।




