स्वप्न ध्यान – ३
सचेत रूप से स्वप्नों पर नियंत्रण प्राप्त करके अवचेतन मन की शक्तियों को जागृत करो।

सचेत रूप से स्वप्नों पर नियंत्रण प्राप्त करके अवचेतन मन की शक्तियों को जागृत करो।

गहरी श्वास और मानसिक शांति से अवचेतन जगत में प्रवेश करो और स्वप्नों पर सचेत नियंत्रण पाओ।

मन को साक्षी बनाकर तीसरी आंख पर ध्यान केंद्रित करो और स्वप्न जगत की रहस्यमय यात्रा शुरू करो।

आज्ञा चक्र पर निरंतर ध्यान से तीसरी आंख जागृत होती है और आंतरिक दृष्टि का उदय होता है।

विज्ञान भैरव तन्त्र सूत्र ३१। आज्ञा चक्र, पीनियल ग्रन्थि और तृतीय नेत्र की जागरूकता के रहस्य जानें।

तन्त्र, योग और ध्यान की साधनाओं में सफलता के लिए आवश्यक स्पष्टता, प्राकृतिकता और लचीलापन।
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