पंचेन्द्रिय ध्यान – २
इन्द्रिय-विधि द्वारा ध्यान: उन्नत संवेद्य वाले व्यक्तियों के लिए साधना, संग्रहीत डेटा का विमोचन।
तंत्र कोई अनुष्ठान या विश्वास नहीं है। यह एक जिज्ञासा है कि आंतरिक प्रक्रियाएं कैसे कार्य करती हैं — ऊर्जा, कंपन, अनुभूति और जागरूकता।
यह खंड अनुभव के आंतरिक तंत्र का अन्वेषण करता है, भ्रांतियों को दूर करने में मदद करता है और तंत्र को एक विचारधारा की बजाय अवलोकन के विज्ञान के रूप में प्रकट करता है।


इन्द्रिय-विधि द्वारा ध्यान: उन्नत संवेद्य वाले व्यक्तियों के लिए साधना, संग्रहीत डेटा का विमोचन।


विज्ञान भैरव तन्त्र सूत्र ३२। पञ्चेन्द्रियों का प्रतीक, मोर की पूँछ, और उन्नत संवेद्य-क्षमता वाले साधकों के लिए ध्यान।


तंत्र के प्रकृत सार को समझना और आधुनिक भ्रांतियों को दूर करना। यह लेख तंत्र को इसके सच्चे आध्यात्मिक संदर्भ में प्रस्तुत करता है, न कि विकृत रूप में।


तंत्र-योग का सार ब्रह्मांड की एकता और आंतरिक ध्यान पर आधारित है। इस लेख में जानें कि कैसे तंत्र ध्यान के माध्यम से आध्यात्मिक जागरण प्रदान करता है।