दर्श ध्यान – २
प्रकाश और रंगों पर ध्यान के माध्यम से आंतरिक चेतना को जागृत करें। दृष्टि केवल आँखों से नहीं, बल्कि सचेत मन से होती है।

प्रकाश और रंगों पर ध्यान के माध्यम से आंतरिक चेतना को जागृत करें। दृष्टि केवल आँखों से नहीं, बल्कि सचेत मन से होती है।

आँखों को बंद करके प्रकाश बिंदु पर ध्यान केंद्रित करने की विधि। यह आंतरिक दृष्टि का अभ्यास जीवन दृष्टिकोण को रूपांतरित करता है।

नवरात्रि में प्राकृतिक और सरल प्रथाओं के माध्यम से अपने वास्तविक स्वरूप से जुड़ें। शरीर और आत्मा के पवित्रीकरण की यात्रा आरंभ करें।

अपनी तीव्र इंद्रियों को षष्ठ इंद्रिय से संरेखित करें। सहज ज्ञान और अतीन्द्रिय ज्ञान को जागृत करने का मार्ग खोजें।

आहत नाद – उपकरणों से निकलने वाली ध्वनि पर ध्यान के माध्यम से अन्तर्मुखी ध्यान की गहराई तक पहुँचें। संगीत से परे सूक्ष्म कंपन को महसूस करें।

प्राणव – ब्रह्मांडीय ध्वनि का जाप और उसके बाद आने वाले मौन में विलीन होना। ॐ की कंपन शक्ति से आध्यात्मिक संरेखण अनुभव करें।
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